मध्वाचार्य जीवनी
    मध्वाचार्य भक्ति आन्दोलन के समय के सबसे महत्त्वपूर्ण दार्शनिकों में से एक थे। वे 'पूर्णप्रज्ञ' व 'आनंदतीर्थ' के नाम से भी प्रसिद्ध हुए थे। मध्वाचार्य 'तत्त्ववाद' के प्रवर्तक थे, जिसे 'द्वैतवाद' के नाम से भी जाना जाता है। द्वैतवाद, वेदान्त की तीन प्रमुख दर्शनों में से एक है। मध्वाचार्य को वायु का तृतीय अवतार माना जाता है। इनका जन्म दक्षिण कन्नड जिले के उडुपी शिवल्ली नामक स्थान के पास पाजक नामक एक गाँव में सन् १२३८ ई में हुआ। अल्पावस्था में ही ये वेद और वेदांगों के अच्छे ज्ञाता हुए और संन्यास...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-05-01 13:43:14 0 75
    उद्दालक
     उद्दालक एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- उद्दालक (बहुविकल्पी) उद्दालक पौराणिक उल्लेखानुसार एक ऋषि थे, जिनका आश्रम हिमालय के पूर्व तट पर स्थित था, जिसे 'कलापग्राम' कहते हैं। इनके पुत्र श्वेतकेतु बड़े प्रसिद्ध हुए थे। एक अन्य पौराणिक वर्णन के अनुसार, महर्षि आयोदधौम्य के तीन शिष्य थे- उपमन्यु, आरुणि पांचाल वेद एक बार उन्होंने आरुणि को टूटी हुई क्यारी का पानी रोकने की आज्ञा दी। अनेक यत्न करके असफल रहने पर वह उसकी...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-04-23 21:18:09 0 76
    माता अनुसूया
    सती अनुसूया महर्षि अत्रि की पत्नी थीं। अनुसूया का स्थान भारतवर्ष की सती-साध्वी नारियों में बहुत ऊँचा है। इनका जन्म अत्यन्त उच्च कुल में हुआ था। ब्रह्मा जी के मानस पुत्र परम तपस्वी महर्षि अत्रि को इन्होंने पति के रूप में प्राप्त किया था। अपनी सतत सेवा तथा प्रेम से इन्होंने महर्षि अत्रि के हृदय को जीत लिया था। अत्रि मुनि की पत्नी जो दक्ष प्रजापति की चौबीस कन्याओं में से एक थीं। इन्होंने ब्रह्मा, विष्णु और महेश को तपस्या करके...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-04-23 21:12:34 0 80
    अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद
    अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद (1 सितम्बर 1896 – 14 नवम्बर 1977) जिन्हें स्वामी श्रील भक्तिवेदांत प्रभुपाद के नाम से भी जाना जाता है, बीसवीं सदी के एक प्रसिद्ध गौडीय वैष्णव गुरु तथा धर्मप्रचारक थे। उन्होंने वेदान्त, कृष्ण-भक्ति और इससे संबंधित क्षेत्रों पर शुद्ध कृष्ण भक्ति के प्रवर्तक श्री ब्रह्म-मध्व-गौड़ीय संप्रदाय के पूर्वाचार्यों की टीकाओं के प्रचार प्रसार और कृष्णभावना को पश्चिमी जगत में पहुँचाने का काम किया। ये भक्तिसिद्धांत ठाकुर सरस्वती के शिष्य थे जिन्होंने इनको...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-04-07 03:00:44 0 86
    महावीर जयंती आज, इन 5 सिद्धातों पर टिका था स्वामी महावीर का जीवन
    महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे. महावीर ने लोगों को समृद्ध जीवन और आंतरिक शांति पाने के लिए 5 सिद्धांत बताएं. महावीर जयंती का पर्व महावीर स्वामी के जन्म दिन पर मनाया जाता है. यह जैन लोगों का सबसे प्रमुख पर्व है. इस साल महावीर जयंती 6 अप्रैल यानी आज मनाई जा रही है. महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे. उनका जीवन ही उनका संदेश माना जाता है. महावीर ने लोगों को समृद्ध जीवन और आंतरिक शांति पाने के लिए 5 सिद्धांत बताएं. आइए जानते हैं आखिर क्या हैं वो 5 सिद्धांत. अहिंसा भगवान...
    By Sonia Sharma 2020-04-06 09:33:56 0 97
    अगस्त्य
    महर्षि अगस्त्य की यज्ञ के समय प्रतिज्ञा महर्षि अगस्त्य वैदिक ॠषि थे। ये वशिष्ठ मुनि के बड़े भाई थे। उनका जन्म श्रावण शुक्ल पंचमी (तदनुसार 3000 ई.पू.) को काशी में हुआ था। वर्तमान में यह स्थान अगस्त्यकुंड के नाम से प्रसिद्ध है। अगस्त्य की पत्नी लोपामुद्रा विदर्भ देश की राजकुमारी थीं। अगस्त्य को सप्तर्षियों में से एक माना जाता है। देवताओं के अनुरोध पर उन्होंने काशी छोड़कर दक्षिण की...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-03-28 12:45:56 0 91
    अंगिरा
    पुराणोंमें बताया गया है कि महर्षि अंगिरा ब्रह्मा जी के मानस पुत्र हैं तथा ये गुणों में ब्रह्मा जी के ही समान हैं। इन्हें प्रजापति भी कहा गया है और सप्तर्षियों में वसिष्ठ, विश्वामित्र तथा मरीचि आदि के साथ इनका भी परिगणन हुआ है। इनके दिव्य अध्यात्मज्ञान, योगबल, तप-साधना एवं मन्त्रशक्ति की विशेष प्रतिष्ठा है। इनकी पत्नी दक्ष प्रजापति की पुत्री स्मृति (मतान्तर से श्रद्धा) थीं, जिनसे इनके वंश का विस्तार हुआ। इनकी तपस्या और उपासना...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-03-28 12:33:23 0 98
    नरसी मेहता
    नरसी मेहता अथवा नरसिंह मेहता  गुजराती भक्ति साहित्य के श्रेष्ठतम कवि थे। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व की महत्ता के अनुरूप साहित्य के इतिहास ग्रंथों में "नरसिंह-मीरा-युग" नाम से एक स्वतंत्र काव्य काल का निर्धारण किया गया है, जिसकी मुख्य विशेषता भावप्रवण कृष्ण की भक्ति से अनुप्रेरित पदों का निर्माण है। पदप्रणेता के रूप में गुजराती साहित्य में नरसी का लगभग वही स्थान है जो हिन्दी में महाकवि सूरदास का है।...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-03-26 03:47:39 0 95
    सन्त दादूदयाल
    दादूदयाल मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत थे. इनका जन्म विक्रम संवत् 1601 में फाल्गुन शुक्ला अष्टमी को अहमदाबाद में हुआ था. पूर्व में दादूदयाल का नाम महाबलि था. पत्नी की मृत्यु के बाद ये सन्यासी बन गये. अधिकाशतया ये सांभर व आमेर में रहने लगे. फतेहपुर सिकरी में अकबर से भेट के बाद आप भक्ति का प्रसार प्रसार करने लगे. राजस्थान में ये नारायणा में रहने लगे. 1603 में वही पर इन्होने अपनी देह का त्याग किया. दादूदयाल के 52 शिष्य थे इनमे से रज्जब, सुन्दरदास, जनगोपाल प्रमुख थे. जिन्होंने अपने गुरु की...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-03-25 22:14:44 0 90
    सनातन गोस्वामी जी
    सनातन गोस्वामी (1488-1558 ई.) चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य थे। उन्होंने 'गौड़ीय वैष्णव भक्ति सम्प्रदाय' के अनेकों ग्रन्थों की रचना की थी। अपने भाई रूप गोस्वामी सहित वृन्दावन के छ: प्रभावशाली गोस्वामियों में वे सबसे ज्येष्ठ थे। सनातन गोस्वामी कर्णाट श्रेणीय पंचद्रविड़ भारद्वाज गोत्रीय यजुर्वेदी ब्राह्मण थे। इनके पूर्वज कर्णाट राजवंश के थे और सर्वज्ञ के पुत्र रूपेश्वर बंगाल में आकर गंगातटस्थ बारीसाल में बस गए। इनके पौत्र मुकुंददेव बंगाल के नवाब के दरबार में राजकर्मचारी नियत हुए तथा गौड़ के...
    By Abhay Ranjan Sharma 2020-03-25 22:11:14 0 95
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कहानी हाड़ा रानी की (Kahani Hada Rani Ki) – जिसने खुद अपने हाथो से अपना शीश काटकर पति को भिजवाया था निशानी के रुप में
आज हम आपको राजस्थान के इतिहास की उस घटना की बारे में बताते है जब एक रानी ने विवाह के महज़...
By Abhay Ranjan Sharma 2020-04-28 19:02:22 0 83
ज्योतिर्लिंगों की पौराणिक कथाएं
5-श्री केदारनाथ. यह ज्योतिर्लिंग पर्वतराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है। पुराणों एवं...
By Sonia Sharma 2020-04-06 15:16:45 0 93
पंचतंत्र -1.50 - सिंह और सियार
वर्षों पहले हिमालय की किसी कन्दरा में एक बलिष्ठ शेर रहा करता था। एक दिन वह एक भैंसे का शिकार और...
By Abhay Ranjan Sharma 2020-04-16 23:54:57 0 80
Unique Culture of India : Customs & Indian Traditions
Atithi Devo Bhavah In India, the saying 'Atithi Devo Bhavah' is also integral. It means 'the...
By Sonia Sharma 2020-04-25 15:00:52 0 30
सर्दी में सुबह जल्दी उठना! जानें 5 कारगर उपाय
सर्दी का मौसम और सुबह-सुबह की नींद...भई वाह, जैसे सोने पर सुहागा, वहीं सर्दी का मौसम और सुबह...
By Shailendra Kaushik 2020-04-08 02:14:09 0 79